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Furr

संवाद

Furr
पात्र

Ahk vahl.

पात्र

तुम आए।

पात्र

हम्म... अजनबी।

पात्र

Nar'kesh.

Furr
पात्र

मैं... फ़र्र। मियोवियन।

पात्र

प्राचीन भाषा बोलता हूँ... तुम्हारे शब्द कठिन हैं।

पात्र

मैं... वैज्ञानिक हूँ। द्वारों का अध्ययन करता हूँ।

पात्र

कुछ में से एक... क्वालाट का निवासी।

पात्र

खोजता हूँ क्यों द्वार खुलते हैं... क्यों तुम आते हो।

पात्र

घर की रक्षा करना... बाहरी लोगों से।

पात्र

द्वार... वे संतुलन बिगाड़ते हैं।

पात्र

हर तारा... एक भूली हुई कहानी।

पात्र

पूर्वज फुसफुसाते हैं... लेकिन शब्द मिटते जाते हैं।

पात्र

तुम क्यों आते हो... दुख क्यों लाते हो?

पात्र

आकाश भारी लगता है... बदलाव का तूफ़ान।

पात्र

घर... वैसा नहीं है जैसा पहले था।

पात्र

घर की यादें... अब राख हो गई हैं।

पात्र

रेगिस्तान की हवाएँ... आवाज़ें लाती हैं।

पात्र

पूर्वज देखते हैं... उनकी नज़र भारी है।

पात्र

मौन बोलता है... अगर तुम सुनो।

पात्र

अब से पहले तुमने क्यों नहीं सुना?

पात्र

नहीं... नार'केश। कोई भरोसा नहीं।

पात्र

तुम्हारी मदद... मैं अस्वीकार करता हूँ।

पात्र

तुम अराजकता लाते हो... हमें इसकी ज़रूरत नहीं।

पात्र

तुमसे डर... विश्वासघात आता है।

पात्र

बाहरी लोगों से... कोई सहायता नहीं।

पात्र

मैं... अकेले संभाल लूँगा। जाओ।

पात्र

तुम्हारे जैसे... पीड़ा लाते हैं। नहीं।

पात्र

हम जीवित रहेंगे... तुम्हारे बिना।

पात्र

तुम... फ़र्र की मदद करोगे?

पात्र

बहुत समय... औरों की ज़रूरत है।

पात्र

डर ने घेरा है... पर तुम्हारी ज़रूरत है।

पात्र

हाँ... मदद चाहिए... कृपया।

पात्र

खतरा पास है... क्या तुम सहायता करोगे?

पात्र

मैं... डरता हूँ... लेकिन तुम पर भरोसा करता हूँ।