Zor
संवाद
तुम... आओ.
आखिरकार... मिले.
आह... यात्री.
Sa'har nu.
ज़ोर... तुम्हें नमस्कार.
मैं... ज़ोर हूँ। कुछ ही बचे हुए लोगों का... नेता।
हम... क्वालात के मूल निवासी। सबसे पहले वाले।
बहुत समय... हम छिपे रहे। युद्ध से... निगाहों से भी।
इंतज़ार... तुम्हारा किया। Sah'ra nu'ma... नियति आ रही है।
तुम... यात्री। अलग। महत्वपूर्ण।
गहरी सांस भरता है... समय... कठिन है। घर... जल गया। सब... खो गया।
हम... कुछ ही बचे हैं। छिपते हैं... खतरे से।
तुम... आशा हो। अंतिम... आशा।
प्राचीन भाषा कहती है... 'Sah'ra ven ku.' अर्थ है... नियति प्रतीक्षा कर रही है।
हृदय... भारी है। पर तुम... प्रकाश लाते हो।
यह... हमारा आश्रय है। छिपा हुआ... रेतों में।
प्राचीनों ने बनाया... बहुत समय पहले। हमारे लिए।
Sah'ra Kalim... हम इसे कहते हैं। अर्थ है... 'पुराना आश्रय।'
यहाँ... हम सुरक्षित हैं। दूर... युद्ध से, निगाहों से।
नहीं... अभी समय नहीं। मदद... बाद में।
सहायता... स्वीकार नहीं कर सकते। Sa'har nu'lem.
ज़ोर... तुम्हें धन्यवाद देता है। लेकिन... अभी नहीं।
प्राचीन शब्द कहते हैं... 'Vela tor nah.' अर्थ है... 'अभी नहीं।'
मदद... ज़रूरी नहीं। समय... सही नहीं।
हाँ... क्या तुम ज़ोर की मदद करोगे?
हम... तुम्हारी ज़रूरत है। आखिरी उम्मीद... तुम हो।
प्राचीन शब्द कहते हैं... 'Kala'shin tor'... कृपया सहायता करो।
मदद... बहुत ज़रूरी है। वक़्त... तेज़ी से बीत रहा है।
ज़ोर पूछता है... क्या तुम हमारी मदद करोगे?