परित्यक्त शिविर स्थल









एक ठंडी अलाव की जगह अभी भी बीते भोजन की यादों में सुलग रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आख़िरी रहने वाले कभी गए ही नहीं—या तो झील ने उन्हें निगल लिया या किसी और दुर्भाग्य ने। कुछ भीगे हुए पदचिह्न पानी के किनारे तक जाते हैं और फिर गायब हो जाते हैं, पीछे छोड़ते हैं बस सवाल: क्या वे डूब गए, भाग गए, या कहीं… किसी और जगह खींच लिए गए?