त्यागा हुआ घर













जंगल द्वारा आधा निगला हुआ, एक सड़ा-गला घर खड़ा है जो पेड़ों से भी पुराना दिखता है। इसकी लकड़ी की दीवारें भीतर की ओर झुकी हुई हैं, जैसे चुप्पी के बोझ तले दब गई हों। एक जंग लगी कार, जिसे कोई वर्षों से नहीं चला रहा, बस बाहर खड़ी है, जिसका धातु ढाँचा आधा सड़ चुका है। अंदर, हवा में तेल, फफूँदी और कुछ हल्की धात्विक गंध फैली हुई है। मलबे और सड़े हुए फर्नीचर के बीच एक अजीब-सी खोपड़ी पड़ी है, जो किसी इंसान के लिए बहुत बड़ी और किसी आर्कोसॉर के लिए बहुत छोटी है।