C

द लैंटर्न स्ट्यूहाउस

द लैंटर्न स्ट्यूहाउस

धुँध भरे दलदलों के भीतर गहराई में, यह लकड़ी का घर कीचड़ के ऊपर कमज़ोर खंभों पर टेढ़ा होकर खड़ा है। बाहर सब्ज़ियों से भरी एक विशाल लोहे की देग लगातार उबलती रहती है, जिसकी भाप हल्की धुंध में मिल जाती है। टेढ़े-मेढ़े खंभों पर लगी रोशनियों की लड़ियाँ एक अजीब, गरमाहट भरी चमक बिखेरती हैं, जो अंधेरे को चीरते हुए किसी मशाल की तरह दिखती है। कोई नहीं जानता कि यहाँ कौन रहता है—कुछ का कहना है कि यह कोई घूमने वाला जड़ी-बूटी विशेषज्ञ है, तो कुछ इसे एक ऐसी चुड़ैल बताते हैं जो सूप के बदले रहस्यों का सौदा करती है। जो भी सच हो, दूर-दूर तक ज़िंदगी के संकेत के नाम पर बस यहीं से आती शोरबे की ख़ुशबू और लालटेनों की हल्की खनक ही सुनाई देती है।