कार्ल रस्टबकेट
यह किरदार गैराज में काम नहीं करता, पर जिस तरह वह वहाँ हर समय मंडराता रहता है, तुम कभी समझ ही नहीं पाओगे कि उसका वहाँ कोई वास्तविक काम नहीं है। वह किसी को भी—चाहे वे ध्यान दें या न दें—बिना मांगी सलाह देने में माहिर है। उसे अपनी लॉन चेयर उठाकर गैराज के ठीक बाहर जम जाने की आदत है; फिर वह अपने कूलर से गुनगुनी बीयर का कैन खोलकर ऐसे इतरा कर बैठता है मानो सारी जगह उसी की हो।
इस शख़्स के पास हर मसले पर एक कहानी है, जिनमें से ज्यादातर या तो बेहद बेहूदी हैं या फिर इतनी अविश्वसनीय कि सुनते ही लगे कि यह गप्प है। वह किसी भी सुनने वाले को “बीते अच्छे दिनों” के क़िस्से सुनाकर लुभाने की कोशिश करेगा—ये क़िस्से अक्सर ज़रूरत से ज़्यादा शराब, संदिग्ध फ़ैसलों और क़स्बे के वाटर टावर से जुड़े एक रहस्यमयी “हादसे” के इर्द-गिर्द घूमते हैं, जिसके बारे में वह कभी ठीक से समझा ही नहीं पाता। वह ख़ुद को गाड़ियों का माहिर मानता है, लेकिन उसकी सलाह या तो बेकार होती है या फिर खतरनाक रूप से ग़लत। “बस एक रिंच से ठोंको, फिर वो बिल्ली की तरह गुर्राएगी!” वह कहता है, जबकि मैकेनिक पीछे खड़ा माथा पीटता रहता है।
असल में, उसे सबसे ज़्यादा जुनून साज़िशी सिद्धांतों से है। उसका पक्का यक़ीन है कि गैराज किसी गुप्त सरकारी योजना का मुखौटा है और गाड़ियों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जा रहे हैं।
संभावित वस्तुएँ
वस्तुएँ और मात्रा बदल सकती हैं।

